राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित Protection Officer (Women & Child Development Department) Competitive Exam-2024 में राजस्थान इतिहास से एक महत्वपूर्ण प्रश्न पूछा गया यह प्रश्न सीधे-सीधे राजस्थान के मध्यकालीन इतिहास, विशेषकर आमेर (जयपुर) के कछवाहा वंश से जुड़ा हुआ है।
Q. 'बारह कोठरी' निम्नलिखित में से किस राज्य से संबंधित है?
'Barah Kothari' is related to which State among the following?
Protection Officer (Women & Child Development Department) Competitive Exam-2024
(1) अजमेर (Ajmer)
(2) मेवाड़ (Mewar)
(3) आमेर (Amer)
(4) भीनमाल (Bhinmal)
(5) अनुत्तरित प्रश्न (Question not attempted)
उत्तर :- (3) आमेर 𓀀
व्याख्या :-
🏰 “बारह कोठरी” क्या है?
बारह कोठरी आमेर (वर्तमान जयपुर, राजस्थान) राज्य की एक विशिष्ट प्रशासनिक-सामंती व्यवस्था थी।
कोठरी का अर्थ — जागीर/ठिकाना
बारह कोठरी का अर्थ — 12 प्रमुख जागीरदार परिवार या ठिकाने
यह व्यवस्था कछवाहा राजपूत शासकों द्वारा सत्ता के विकेंद्रीकरण और वंशीय संतुलन के लिए अपनाई गई थी।
👑 बारह कोठरी और पृथ्वीराज कछवाहा का संबंध
🔹 पृथ्वीराज कछवाहा कौन थे?
पूरा नाम: पृथ्वीराज सिंह प्रथम (Prithviraj Singh I)
वंश: कछवाहा राजपूत
राज्य: आमेर (Amber) — वर्तमान जयपुर, राजस्थान
शासनकाल: लगभग 1503–1527 ई.
🔹 बारह कोठरी की स्थापना
इतिहासकारों के अनुसार — पृथ्वीराज कछवाहा के 12 पुत्र थे
उन्होंने राज्य की प्रमुख जागीरों को 12 हिस्सों में बाँटा प्रत्येक हिस्से को एक “कोठरी” कहा गया इस प्रकार “बारह कोठरी व्यवस्था” अस्तित्व में आई
👉 इसका उद्देश्य था:
- राजपरिवार में संघर्ष को रोकना
- सामंतों की निष्ठा बनाए रखना
- प्रशासन को मजबूत करना
⚔️ ऐतिहासिक महत्व
- बारह कोठरी व्यवस्था ने आमेर राज्य को राजनीतिक स्थिरता दी
- यही व्यवस्था आगे चलकर जयपुर राज्य की प्रशासनिक रीढ़ बनी
- पृथ्वीराज कछवाहा स्वयं खानवा के युद्ध (1527) में महाराणा सांगा के साथ बाबर के विरुद्ध लड़े